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तबस्सुम में मैं उसके कुछ कमी महसूस करता हूँ

Tabssum Me Main Usaki Kuchh Kami Mahsus Karata Hun
                
                                                         
                            तबस्सुम में मैं उसके कुछ कमी महसूस करता हूँ
                                                                 
                            
मैं काजल में छुपी गम की नमी महसूस करता हूँ
वो गुमसुम सी दिखे पर सैकड़ो तूफान है मन मे
सरल दिखती है लेकिन हैं बहुत सी उलझने मन मे
मैं उसकी बात में कुछ तो कमी महसूस करता हूँ
मैं काजल में छुपी गम की नमी महसूस करता हूँ
सभी कहते अनोखी सी कशिश है तान में उसके
चटकती शोख कलियों सी कशिश मुस्कान में उसके
मैं उसके गीत में उसकी कमी महसूस करता हूँ
मैं काजल में छुपी गम की नमी महसूस करता हूँ
सरोज यादव सरु

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8 वर्ष पहले

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