आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Kya Nahi Lagata Jarurat Hai
Kya Nahi Lagata Jarurat Hai

मेरे अल्फाज़

क्या नहीं लगता जरूरत है

Saroj Yadav

277 कविताएं

997 Views
क्या नहीं लगता जरूरत है सड़े गले कूड़े को साफ कर देना चाहिए
विरासत समझ के ढोने वाले बीमार विचार
जिसने हमेशा इमोशनल अत्याचार का सहारा लिया
हर ज्वलंत समस्या की जवाबदेही से बचने को
बहुत जरूरी है हम साफ करें अगर दिवास्वप्न से पेट नहीं भर सके बरसात में सर भीगने से न बच सके
न दे सके जो हाथों को काम मेहनत का दाम
न हो सके अपने ही आंगन में गुड्डे गुड़ियों का खेल
न हो सके आपस मे बस इनके कारण मेल
तो न देखें आत्मगर्वित होकर खोखले दिवास्वप्न
करें स्वागत नए कल का,पहिया बने द्रुत गति से दूर ले जाएं
इन इमोशनल अत्याचारियों के साम्रज्य से अपने कर्णधारों को
न होने दे बीमार इनको संक्रामक विचारों से
विरासत समझ के ढोने वाले बीमार विचार
साफ करने ही होंगे हमें
क्योंकि अब तभी जीवित रह सकेगा
कल देश समाज हम आप और हमारे बाग की नई पौध
सरोज यादव सरु

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!