मैं तेरे साथ रहूँ सिर्फ एक तमन्ना लिए
न जाने कबसे तेरे रहगुजर में बैठे हैं
तमाम लोग जो कल मुझसे खौफ खाते थे
वो आज आगे मेरे ताज पहने बैठे हैं
अभी है वक्त मेरे साथ तू चलने आजा
ये तेरे दोस्त नही बस साथ तेरे बैठे हैं
तेरी बुलंदी तेरी राह देख देख थकी
ये क्या मजाक है तू मुँह को फेर बैठे है
चल अब बहुत हुआ मायूसियों का खेल तेरा
है हौसला बहुत बस तू भुलाए बैठे हैं
सरोज यादव सरु
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