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एक दिन की वतनपरस्ती कोई त्योहार नही होता...

Ek Din Ki Watanparasti Koi Tyohar Nahi Hoti
                
                                                         
                            एक दिन की वतनपरस्ती कोई त्योहार नही होता
                                                                 
                            
एक दिन झंडा उठाकर कोई सरदार नही होता
लहू बनकर ही बहता है देश पर मिटने का जज्बा
जीने के मोह के साथ ही जो उठ जाए, आजादी का इतना भी कम भार नही होता
क्या जज्बा था उन लोगों का हंसकर के जान लुटा बैठे
अब सारी ताकत बातों में अपना बलिदान नही होता
एक दिन वतनपरस्ती कोई त्योहार नही होता
एक दिन झंडा उठाकर कोई सरदार नही होता

""शहीद दिवस"" याद भारत माँ के वीर सपूतों की""

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8 वर्ष पहले

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