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डरता है कौन मुश्किलें आती हैं

Darta Hai Kaun Muskilen Aatin Hain Aarahen
                
                                                         
                            गम ने हमारा साथ तो छोड़ा नही कभी
                                                                 
                            
पर तुझको याद करके मुस्कराते हम रहे

जितना भी उसको लेना है वो इम्तहान ले
बस दे मुझे तुम्हे और कामयाब खुद रहे

डरता है कौन मुश्किलें आती हैं आ रहें
ठोकर लगा के हम भी अपनी राह चल रहे

मैं भी उदास हूँ न तुम्हे रहने दूँ कभी
दुनिया है इसकी आदी वो रहती है तो रहे

देखो वो दिख रही है कोई रौशनी तो दूर
पहुंचेंगे हम भले ही अभी दूर दिख रहे

कोई जो हमे देख के खिल्ली उड़ा रहा
हम भी कहाँ उन्हें भला सर पे बिठा रहे

सरोज यादव सरु

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8 वर्ष पहले

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