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बहुत याद आते हो तब दोस्त मेरे

Bahut Yad Aate Ho Tab  Dost Mere
                
                                                         
                            उदासी भरे दिन उदासी की रातें
                                                                 
                            
जो तुम पास होते गले मिल बताते

बहुत याद आते हो तब दोस्त मेरे
बनावट की बातों से जब कोई घेरे

अच्छा था अब भी अगर तुम सताते
ये इतना नही मेरे दिल को जलाते

उदासी भरे दिन उदासी की रातें
जो तुम पास होते गले मिल बताते

जो कहना है कहलो इजाजत है तुमको
इबादत से ज्यादा मुहब्बत है हमको

कोई रिश्ता इतना भी प्यारा नही है
इस दोस्ती का किनारा नही है

मशरूफियत से जो बाहर तुम आते
तो फिर से वो ख्वाबों के दिन हम बिताते

उदासी भरे दिन उदासी की रातें
जो तुम पास होते गले मिल बताते

सरोज यादव सरु

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8 वर्ष पहले

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