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बहुत नादान है दिल

Bahut Nadan Hai Dil
                
                                                         
                            बहुत नादान है दिल इसमें अक्ल कुछ भी नही
                                                                 
                            
मगर तूँ रूठा तो ये जान अपनी दे देगा
बस तेरे कायदे को ये पढ़ के भूल जाता है
नही तो दुनिया के ये सब इम्तहान दे देगा
ये चाहता है की हर पल तेरे करीब रहे
जो बीतना हो हर सुख दुख ये तेरे साथ सहे
न जाने क्यों ये तेरी हद को लांघ जाता है
नही तो ये किसी के घर से कुछ नही लेगा
इसे तो भूख नही कोई जो सताती है
बस एक प्रेम भरा मन ही इसकी थाती है
इसे समझे कोई या इसको ठोकरें दे दे
हरेक दर्द को दौलत बनाके रख लेगा
बहुत नादान है दिल इसमें अक्ल कुछ भी नही
मगर तूँ रूठा तो ये जान अपनी दे देगा.......

सरोज सरु

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8 वर्ष पहले

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