सर्दाजंली
कुछ लोग रह जाते हैं जहाँ में जहाँ से जाने के बाद भी
बुझता नहीं सूरज डूब जाने के बाद भी ।।
जो बंदे छोड़ आते हैं जहाँ ये संसार को
सुना है रब रख लेता है अपनी पनाह में उनको ।।
तुझे याद करने वालों की कभी जहाँ में कमी ना होगी
तेरी अच्छाईयों की तेरी नेकियों की सदा वाहवाही होगी ।।
लिखा है नाम तेरा हिन्द की किताब में
तू रहेगी अमर भारत के इतिहास में ।।
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