तालिबान ये कैसे हैं जिनमें भरा है अंधविश्वास।
अपने देश के मुस्तकबिल का, कर रहे सत्यानाश।
कर रहे सत्यानाश, भाषा सिर्फ गोली की जाने।
प्यार, मुहब्बत, रहम, इन्सानियत, को ना पहचाने।
पश्तो भाषा में विद्यार्थियों को, कहते हैं तालिबान।
खून की होली आदत जिनकी, ये कैसे तालिबान?
-संजीव शर्मा (हिंदी अध्यापक)
पंचकूला, हरियाणा
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