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चाय

                
                                                         
                            'चाय'
                                                                 
                            

तुम मेरी आदतों में इसतरह शुमार हो
सच कहूँ तो तुम ही इलाज -ए खुमार हो।

जब दोस्तों संग मुलाकातें हों,
चाय पर घण्टों घण्टों ढेर बातें हों।

हर घर पर आतिथ्य का ये इक तरीका है,
रिश्ते प्यार सम्बन्ध बढ़ाने का सलीका है।

लाखों की रोज़ी रोटी का
ज़रिया भी है चाय,
अपने देश में चायपानी है
रिश्वत का पर्याय।

वो नुक्कड के चाय स्टाल पर राजनैतिक चर्चाएं,
यहीं बैठ कर लोग चुनावी
मुद्दे गर्माएं।

चाय तो है बहाना दिलों को
जीतने का यारो,
इस देश की सुबह तो चाय
से होती है यारो।

'संजय भाटिया'
डी एल एफ़ 3,गुरुग्राम।
हरियाणा।
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4 वर्ष पहले

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