प्रिय मन में हो प्रिय तन में हो
प्रिय मन पर हो प्रिय तन पर हो
प्रिय ही सर्वस्व समहित हो
प्रिय ही अपने जीवन पर हो
- कुँवर संदीप सिंह
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