तस्वीरों को तेरे यूं ही निहारता हूं
तेरे काले जुल्फों को एक पन्ने पर उतरता हूं
तेरी यादों को भूल जाना चाहिए मुझे पर
उन्हें अपनी डायरी में एक एक करके उतरता हूं
-सचिन पटेल
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