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कोरोना कविता

                
                                                         
                            
जय कोरोना जब तोहर वृहान में जन्म खून जागल ,
जय दो हजार बीस , उन्नीस के असर बीस में
विश्व लोक के लागल !

चीन दूत कोरोना धामा ,
चाईना पुत्र कोविड-19 नामा !

सर्दी जुखाम क्रम-क्रम रंगी ,
समझ जाओ ये है कोरोना के संगी !

लक्षण मरण समाज में ऐसा,
दिन रात न यह बढ़े हमेशा !

हाथ ब्रज , मिथिला, मथुरा भारत में थाली बाजे ,
करें ब्रहामण जनेऊ से प्रार्थना कहीं न ये कोरोना
महामारी बीमारी विराजे !

अंक्ल जन माक्स लगाकर हुए चाची के बंधन,
तेज प्रताप से कोरोना कर रहे हैं विश्व को खण्डन !

विद्यावान मुनि,कवि, विज्ञान अति बहादुर ,
करें न कोई राहुल,अरूण नेता ऐसी भूल !

चलें समाचार सुनने प्रधानमंत्री मोदी जी न्यूज
पर अमेरिका रसिया,
कोरोना तो हर कहीं हो चुके है बसिया !

छप्पन इंच छाती बड़ा काज दिखावा ,
अमेरिका के धमकी से न, मानवता के कारण दिये दावा !

भीम रूप कलि, फूल सहारे ,
हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा देकर नमस्ते
ट्रम्प के काज संवारे !

लाया सा दवा उससे भारत विश्व जियावे ,
तब जग भारत पर फूल बरसावे !

हिन्दुस्तान की गति बहुत बड़ाई ,
तुम चीन सच में दुष्ट है भाई !

सार्क के देश तुम्हारे विरोध में आवें ,
विश्व अंदाज किये है अब तुम्हारे अंत लगावे !

आज़ादी, गांधीवादी पर चले हमारी दिशा ,
पर अब तुम विश्व सम्मेलन में लेना न मित्र हिस्सा !

तुम्हारे यम कोरोना काल जहां ते ,
हम जनता घर में कर्फ्यू लगे वहां थे !

तुम हम भारतीयों का उपकार कभी न चिन्हा ,
तुम दुष्ट चीन हमेशा दुख ही दिन्हा !

तुम्हारे मंत्र हम क्या ? विश्व न माना ,
हम हमारी भारतीयों के कर्मों से विश्व गुरु कहे जमाना !

तब तुम्हें हम कैसे अपना मानूं ,
तबाह है सभी मुख्यमंत्री ममता, नीतीश कुमार
भगाना है कोरोना ये विचार मैं भी ठानू !

पायें न कोई सुख राही ,
क्योंकि कोरोना रूकने पर तैयार नाहीं !

दुख भरी काज तुम जगत के देते ,
कौन ? तुम दुष्ट चीन के बेटे !

राम सहारे हम भारतीय दिया जलाकर किये और
करें विश्व के रखवाले ,
हे दुष्ट चीन तू अभी कमा रे !

हम तो हम तुम्हें भी है मरना ,
अपनाया तो सनातन धर्म तुम्हें भी है जलना !

तुम्हारे कारण विश्व तापें ,
तुम पर मंडरा रही है सारी पापे !

दुष्ट कोरोना अब निकट न आवे ,
कब ? जब भारत अपना लांकडाउन हटावे !

हंसे मुस्कुराये गांव घर और सब जिला ,
करेंगे भारत मां की पूजा चढ़ायेंगे फल फूल निर्मल
जल और खीरा !

विश्व से संकट घड़ी भारत हटावे ,
जब कोई भारत के चरण में आवे !

आदर्श राजन मोदी राजा ,
खूब ठीक तनु वक्ष स्थल से योगी अंदाजा !

और दुख जो कोई लावे ,
उसे भारत मां के भारत स्काउट गाइड, सेंट जांन एम्बूलेंस,
एन.सी.सी, और एन.एस.एस के पुत्र ही मिटावे !

हे चीन संकट फैलाना कर्म तुम्हारा ,
है दुनिया को बचाना धर्म हमारा !

साधु संत के हम रखवाले ,
तुम्हारे तो सोच ही है काले !

दुख दिया मिटेंगे विधाता ,
हंस-हंस कर दर्द सहे है हमारी भारत माता !

कौन ? रखेंगे तुम पर आशा ,
छल कपट से बढ़ा तू चीन यही है तुम्हारी परिभाषा !

तुम्हारे कर्म विश्व को पावे ,
विश्व सोचा अब तुम्हें हटावे !

अंत काल तू (UNO) यूं.एन.ओ पुर जाई ,
वहां कोई साथ देंगे न ए चीनी भाई !

और चीन अब चिंता मत करिए ,
दुनिया को मारे अब आप भी मरिये !

लांकडाउन हटें मिटे सब पीरा ,
कष्ट से तड़फे न कोई राज्य और जिला !

जय-जय कोरोना कसाई ,
लाट मार कर अब विश्व तुम्हें भगाई !

जो सट कर बात करें न कोई,.
हटी इमरजेंसी,छुटी लांकडाउन, विश्व में महासुख होई !

जो यह जब जब पढ़ें कोरोना चालिसा ,
तब तब चीन को मिलें गाली जैसी भिक्षा !

तुलसी दास सदा गुरु , हम रोशन कुमार उनका चेला ,
कोरोना को दूर कीजो नाथ , यही है ह्रदय से विनती मेरा !

रोशन कुमार झा 
सुरेन्द्रनाथ इवनिंग कॉलेज ,कोलकाता

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6 वर्ष पहले

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