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तड़प

                
                                                         
                            मैं अपने आंखों में बर्बादी का सैलाब लेकर आया था
                                                                 
                            
मैं अपनी पिछली जिन्दगी का हिसाब लेकर आया था
जिन्हें शौक था कभी बचपन में किताबे फाड़ने का
उनके लिए अपने दिल की पूरी किताब लेकर आया था
By Yaduraj Rishi


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6 वर्ष पहले

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