कालेज की सीढ़ियों पर जब मुलाक़ात हुई थी
मुझे याद है शायद उस दिन भारी बरसात हुई थी
चाहकर भी भूल नहीं पाता उस हसीन लम्हें को
टकराते हुए इशारों इशारों में जो बात हुई थी
By Yaduraj Rishi
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