दुख पहुंचा कर मात पिता को,
बोल कहां खुश रह सकते।
जब उनके प्यार को समझ सके ना,
प्यार कहां फिर पा सकते।
जिसने तुमको जीवन समझा,
जिसने तुमको मान बनाया।
मान को उनके ठुकराकर ,
फिर बोल कहां तुम जी सकते।
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