अपनी हार की कहानियां सुनाए क्या।
तुम सोच रहे हो रोती जुबानियां सुनाए क्या।
अरे! पूछोगे अगर हाल ए खबर हमारा।
तो सारी अपनी गलतियां सुनाए क्या ।
जहां जाते ही एक डर सा आ जाता है।
अपनी असफलताओं का सामने किस्सा आ जाता है।
ठहर सी जाती हूं,सिसक सी जाती हूं।
जब कभी अपनी मंजिल का सिलसिला आ जाता है।
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