मेरा दिल
दिल में ज़ुबाँ नहीं होती,
ज़ुबाँ में दर्द होता है।
दिल को मिले जो ज़ख़्म,
ज़ुबाँ पर वही दर्द होता है।
न जाने दुनिया क्यों
हर दर्द को समझ नहीं पाती,
मगर दर्द में भी एक दर्द ऐसा है—
जो दर्द में भी सुकून दे जाता है।
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