हर पल प्रभु को अपने साथ महसूस करो,
जब चल रहे हो—
तो लगे कोई चुपचाप साथ चल रहा है।
जब अकेले बैठे हो—
तो लगे कोई प्रेम से पास ही बैठा है।
ज़िंदगी के हर छोटे काम में उन्हें याद रखना,
क्योंकि प्रभु कभी हमसे दूर नहीं जाते,
दूर तो हम उनसे हो जाते हैं।
वो हर सांस के साथ होते हैं,
पर हम दुनिया के शोर में उनकी खामोशी सुन नहीं पाते।
और जब तक यह बात दिल तक पहुँचती है,
तब तक उम्र ढल चुकी होती है,
समय हाथ से फिसल चुका होता है...
फिर भी वो वहीं होते हैं साथ—शांत, निश्चल।
तब समझ आता है—
कि जिन्हें हम ज़िंदगी भर भूलते रहे,
वो तो हर पल हमारा हाथ थामे खड़े थे।
फिर भी वो शिकायत नहीं करते,
बस मुस्कुरा कर कहते हैं—
"मैं तो यहीं था।"
और याद रखना—
भक्ति इंद्रियों से नहीं बल्कि... मन से होती है।
कल्पना कोई भ्रम नहीं, वो एक शक्ति है—
जो प्रभु को सिर्फ याद नहीं दिलाती,
बल्कि उन्हें हर पल हमारे साथ महसूस करा देती है !!!
— रिया (Riya)
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