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वो कोई ख्वाब नहीं

                
                                                         
                            तेरी आँखों की चमक से, जो न रोशन हो कभी,
                                                                 
                            
उस उजाले से भी, अपना नाता तोड़ लेंगे हम।

तू न दिखे तो, ये दुनिया भी हमें रास नहीं,
तेरे बिन हर एक मंज़र से, मुँह मोड़ देंगे हम।

जिसमें तू ही न बसे, वो कोई ख़्वाब नहीं,
ऐसे हर ख़्वाब को, आँखों से भी तोड़ देंगे हम।
-रतन कुमार कैथवास
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46 मिनट पहले

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