हमने चुप्पी साध रखी है इसे कमजोरी न समझ,
एक तूफ़ान अभी भी हमारे समंदर में है।
जो हमें आज ख़ाक समझकर गुज़र जाते हैं,
उन्हें क्या ख़बर कि चिंगारी अभी दिल में है।
हमने मंज़िल की तरफ़ देखना छोड़ा नहीं,
बस भरोसा अपने कदमों की रवानी में है।
आज ख़ामोश हैं तो इसका मतलब हार नहीं,
एक पूरा आसमाँ हमारी ही महफ़िल में है।
वक़्त की ठोकर ने इतना तो सिखा दिया हमको,
हर जवाब देने का हुनर अपनी मुश्किल में नहीं है।
तू हमें कम समझकर अपना हिसाब रख ऐ दुनिया,
हमारा असली जवाब अभी आने वाले कल में है।
-रतन कुमार कैथवास
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