खुरदुरी नज़र से मुझे देखा न करो,
तेरा ये अंदाज़ मेरा चेहरा बिगाड़ जाएगा।
ज़रा प्यार से देखो, सँवर जाऊँगा मैं,
तेरा रूठना भी, मुझे कहाँ रास आएगा।
मेरी सूरत पे यूँ, अपनी नज़र मत मलो,
तेरा हर शिकवा, मेरे दिल पे उतर जाएगा।
तुझे अच्छा लगता है तो, इकरार से देखो,
वरना आईना भी तुम्हें, मुझसे रूठा नज़र आएगा।
-रतन कुमार कैथवास
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X