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क्या स्वर्ण, क्या दलित!

                
                                                         
                            एक ओर विज्ञान की मशीने खुद की जैसे जीवन को भी बना रही हैं सरल स्वचलित,
                                                                 
                            
दूसरी ओर देश के भ्रष्ट नेताओं की भी राजनीति हो रही है सोचो क्यों अच्छे से फलित,
सचमुच धर्म जाति की राजनीति करने वाले इन नेताओं के लिए तो जनता सिर्फ है,
इन नेताओं को सत्ता तक पहुंचाने का माध्यम क्या हिंदू, क्या मुसलमान, क्या स्वर्ण, क्या दलित!
-मनस्व
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2 घंटे पहले

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