आज तक रोक न सका जो मैंने ठानी कोई,
सचमुच इस दुनिया में नहीं है मेरी सानी कोई,
मैं वह पत्थर हूं जो तूफान का रुख मोड़ दूं,
समझ ना लेना तुम मुझको बहता हुआ पानी कोई|
-मनस्व
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