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इश्क में अपने आशिका के सिवा

                
                                                         
                            चाहे बिल्कुल गुपचुप से करे इश्क, चाहे करे इश्क खुलेआम,
                                                                 
                            
चाहे इश्क में गुमसुम सा रहे या फिर बटोरे सुर्खियां तमाम,
सचमुच सच्चे इश्क़ में तो एक आशिक हर घड़ी अपने आशिका के सिवा,
किसी भी हाल में किसी और का अपनी जुबां पर लाता नहीं नाम|
-मनस्व
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1 hour ago

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