दुनिया में जितने भी हैं इश्क की रोती सूरत देख कर हंसने वाले,
सचमुच वे सभी एक दिन है इश्क की भोली सूरत पर फंसने वाले,
इसी इश्क की खुशी में एक दिन है आसमान में हैं उड़ने वाले भी,
और इसी इश्क के गम में सिर से पैर तक जमीन में है धसने वाले|
-मनस्व
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