आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

खून सना लोकतंत्र

                
                                                         
                            जापान की धरती पर जब आग गिरी,
                                                                 
                            
मानवता राख हुई, शहर रोए—
हिरोशिमा की सुबह चीखों में बदली,
नागासाकी की सांझ धुएँ में खोई।
ढाई लाख सपनों की साँसें
एक बटन की ठंडी उँगली से थम गईं,
और इतिहास के पन्नों पर
मानवता की आँखें नम गईं।
कोरिया के सीने पर खिंची एक रेखा,
भाई से भाई को अलग कर गई,
वियतनाम के खेतों में बारूद बोया,
हरियाली को लहू में बदल गई।
इराक की रातें गोलियों में डूबीं,
अफगानिस्तान के पर्वत धुआँ बने,
फिलिस्तीन की गलियों में सन्नाटा,
सीरिया के घर राख बने।
कहीं तख़्त उलटे गए,
कहीं सरकारें गिराईं गईं,
चिली से लेकर
अर्जेंटीना तक हवाएँ बदली गईं।
नाम बदले, चेहरे बदले,
पर युद्ध का बाज़ार वही रहा—
कभी सुरक्षा के नाम पर हमला,
कभी शांति के नाम पर साज़िशें रहीं।
तालिबान की छाया किसने गढ़ी?
आई एस आई एस की आग किसने सुलगाई?
इतिहास के आईने में प्रश्न खड़े हैं—
किसने दुनिया को यह राह दिखाई?
वेनेजुएला की सत्ता में हलचल,
ईरान पर मंडराते बादल,
तेल की गंध से महकते सौदे,
हथियारों के चमकते बादल।
कहते हैं—
“लोकतंत्र बचाना है”,
“तानाशाही से लड़ना है”,
पर हर दलील के पीछे
बारूद का एक काफ़िला चलता है।
शांति की बातें ओढ़े हुए
जब ताक़त का चेहरा मुस्काता है,
तो लगता है जैसे
खून सना पर्दा लहराता है।
सवाल यह नहीं कि
किसने किसे हराया,
सवाल यह है कि
किसने इंसान को मिटाया।
धरती पूछती है—
क्या विकास की सीढ़ियाँ
लाशों से ही बनती हैं?
क्या सत्ता की भूख
सीमाओं से नहीं,
इंसानी रगों से तृप्त होती है?
इतिहास गवाही देगा—
हर साम्राज्य की एक सांझ होती है,
हर बारूद के बाद
एक सच्चाई की आवाज़ होती है।
और वह आवाज़ कहेगी—
न कोई देश शैतान है,
न कोई कौम फरिश्ता,
पर जब ताक़त इंसानियत भूल जाए,
तभी बनता है
खून सना लोकतंत्र का किस्सा।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर