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हँसना आसान है

                
                                                         
                            किसी के गम में हंसना
                                                                 
                            
बहुत आसान है
किसी के गम में साथ देना
बहुत कठिन है
किसी के गम में नसीहत देना
बहुत आसान है
किसी के गम को महसूस करना
बहुत कठिन है
किसी का मज़ाक़ उड़ाना
बहुत आसान है
किसी से अपना मज़ाक़ बनना
बहुत कठिन है
ये ज़िंदगी है और
आसान रास्ता ही चुनते हैं सब
किसी के दर्द से गुजरना
कौन चाहता है भला
किसी के दर्द को समझना
कौन चाहता है
मुश्किलों से भागती है दुनिया
किसी के दर्द मजाक बना देती है दुनिया

-रमा पूर्णिमा शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 महीने पहले

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