फक़त चिंगारी ही काफी है आग
लगाने के लिए,
दरकार होता है दाना भी हांडी
चढ़ाने के लिए,
महज़ भीख के राशन से क़ौमें
नहीं पला करतीं,
चाहिए होता है आज काम कल की
सलामती के लिए.
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