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विज्ञान वरदान या अभिशाप

                
                                                         
                            सावधान, मनुष्य ! यदि विज्ञान तलवार है,
                                                                 
                            
तो इसे फेंक दो, तजकर मोह, स्मृति के पार।

जो ज्ञान मानव का अहित करे,
तो विज्ञान भी एक अज्ञान है,
मानव द्वारा पोषित विषाणु,
मानव का ही विनाश करता है,
ये ज्ञान का अहंकार सा विष है,
जो कुंठा पर आश्रित होता है,
परमाणु अस्त्र के ढेर पर बैठा मानव,
मानवता की डाल को काट रहा है,
ये विज्ञान का आत्मघाती रूप है,
कितने शुक्राचार्य हैँ आज धरा पर?
जो विज्ञान का दुरूपयोग कर रहे हैँ,
अश्वथामा जैसे कितने कुंठित हैँ जगत में?
अस्त्रों शस्त्रों का दुरूपयोग क़र रहे हैँ,
अस्त्रों शस्त्रों की दौड़ से ज़ब विश्व मुक्त होगा,
विज्ञान का मानव हित में सदुपयोग होगा,
तो ही विज्ञान ज्ञान का सागर होगा |



 
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1 hour ago

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