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हालात के अनुसार बदलने में नहीं

                
                                                         
                            माहौल
                                                                 
                            

कमज़ोर लोग माहौल से बदल जाते हैं,
हालात जैसे हों, वैसे ढल जाते हैं।
दुनिया जिस रंग में रंगती है उन्हें,
वे उसी रंग में रंग जाते हैं।

मगर मज़बूत लोग
माहौल से समझौता नहीं करते,
वे अपने इरादों से
माहौल की दिशा बदल देते हैं।

जहाँ लोग कहते हैं—
“ऐसा ही चलता आया है,”
वहीं मज़बूत इंसान कहता है—
“अब ऐसा नहीं चलेगा।”

क्योंकि असली ताकत
हालात के अनुसार बदलने में नहीं,
बल्कि अपने साहस से
हालात बदल देने में है।
-रजनी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

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