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ना किसी के अचानक से आने की खुशी है

                
                                                         
                            बीते दिन
                                                                 
                            
भुलाए नहीं भुलते

दर्द-ए-दिल
बढ़ता चला जाए

तन्हाई से,
बिना वजह डरूं

सुनवाई में,
क्या जवाब दूं?

अच्छे नाते हैं... इस लिखाई से मेरे 🫠

(फिर भी... पहले, ज़रूरी काम होए!)

ये घबराहट का ज्वर...
जाने, वो आहटें कौनसी हैं?

ना पूछकर...
ना किसी के अचानक से आने की खुशी है

राहुल,
क्यों तू दुखी है?

मेहनत की है...
फसल तो उगनी उगनी है!

वस्ल की चाह...
तो छूटनी ही छूटनी है!

प्रभु के जप से... दुनिया हसीन है

कुछ कम खुदसे... दूरियां हुईं हैं 


.
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42 मिनट पहले

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