पर उनका क्या ----------------------
जो कई सपनों सँजोए बैठे थे पर बंद डब्बों में ही टूट गए
जिन को घर जाना था अपने, वो पटरी पर ही छूट गए
किसी कि सहनाई बजने वाली थी
किसी के यहाँ किलकारी आने वाली थी
क्या कहें उन परिवारों को कि वे स्टेशन पर
कब तक और इंतजार करें ------------
साजिश हैं, गलती हैं, या दुर्घटना है जो भी है; “विचार करें”
दुबारा न हो इसलिए आज ही सुधार करें ।2 ।
पर उस माँ का क्या ----------------------
जो अब भी फोन मिलाती है
हर घंटी बजने पर आस लगाती हैं
बच्चा उसका बोलेगा माँ बस में आने वाला हूँ
कैसे समझा दूँ मैं उस माँ को
की फोन उठने की ना आश करें
समझा ले अपने तन्हा मन को
ओर दुबारा न प्रयास करें
साजिश हैं, गलती हैं, या दुर्घटना है जो भी है; “विचार करें”
दुबारा न हो इसलिए आज ही सुधार करें ।3 ।
पर उस नन्हे बच्चों क्या----------------
जो आस लगाए बैठे हैं, उनके नये खिलौने आने वाले हैं
कैसे कह दु वो की वो खिलाने कटकर
पटरी पर फैल गये
हर वक्त पूछते हैं घर में मम्मी/पापा कब आने वाले हैं
तुम ही बताओ अब उन बच्चों को क्या कहकर उदास करें
साजिश हैं, गलती हैं, या दुर्घटना है जो भी है ; “विचार करें”
दुबारा न हो इसलिए आज ही सुधार करें ।5 ।
वो मेरे भी अपने थे ओर तेरे भी अपने थे
कोई कल ही मिलकर आया था
कोई कल ही मिलने वाला था
पर अब कोई न मिलने वाला है
अब कैसे ये विश्वास करें
साजिश हैं, गलती हैं, या दुर्घटना है जो भी है; “विचार करें”
दुबारा न हो इसलिए आज ही सुधार करें ।5।
आरोप प्रत्यारोप करने से अच्छा
आओ हम किसी के अश्रु पोंछे , किसे के दर्द का उपचार करें
ईश्वर उन्हें ताकत दे
उनके लिये पूजा करें, व्रत करें उपवास करें
साजिश हैं, गलती हैं, या दुर्घटना है जो भी है; “विचार करें”
दुबारा न हो इसलिए आज ही सुधार करें ।6।
-राहुल बैजनाथ मौर्य
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