छोटी छोटी बातों में ना आया करो
अगर कुछ गम हो तो भूलाया करो
ले गया अगर तुझसे कोई तेरी खुशी
समझो मेरे मुक्कदर में था इतना ही
बेवजह अपने दिल को ना रुलाया करो
छोटी छोटी बातों में ना आया करो
दुनिया की भीड़ हो, या हो कोई महफिल
जो तुझको ना भावे, चाहे ना तेरा दिल
उनसे अपना दामन बचाया करो
छोटी छोटी बातों में ना आया करो
है पतझड़ तो ,सुखाहै तेरा चमन
फिर आएगा सावन , बरसेगा गगन
देखो मुरझाये ना तेरे दिल का चमन
इसमें चाहत के फूल खिलाया करो
छोटी छोटी बातों में ना आया करो
है रात काली, घोर छाया है अंधेरा
गम के भूत सूरज से डर जाते है ,
भाग जाते हैं, जब होता है सबेरा
है हकीकत यही , आजमाया करो
छोटी छोटी बातों में ना आया करो
-रविन्द्र अमन
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