एक बेटी....
मस्ती भरी है, उसकी आँखे
अरमानो से सजी है, जिसकी बाते
पायल कि छनकार से उसके चहकता अँगन है।
रो रो के गुसा होकर खुद कि जिदद,
अपसो से पूरी कर लेती है।
वह और नही कोई नही एक बेटी है ।
सबकी डाट चुपचाप से खा लेती हैं ।
जो सबको कुछ ज्यादा प्यार देती है ।
जो हर बात हमारी मान लेती है ।
हमारे सपनो में साथ देती है ,
उसे पूरा करने कि कोशिस हर पल करती है ।
वह हर वक्त साथ खुशिया लाती हैं ,
वह और कोई नही एक बेटी है ।
(मधूविजपिऊ )
वाघ प्रियंका .....
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