गुजरना है तो अपनी मर्जी के मुताबिक कुछ और देकर दर्द आराम से आप नज़र चुरा कर गुज़र जाइए
हम आपके हैं कौन सोच कर बगैर दिए दस्तक नज़र उठा कर हमें ही आजमाते हुए आप गुज़र जाइए
खुले दिल से जब तू मिल सकता नहीं तो क्या हुआ मिटा के दिल के अरमां आंसुओं में आप गुज़र जाइए
क्या पता अब फिर किस मोड़ पे मिलेंगे हम दोनो कठिन है राह हिज़्र का दिला के याद आप गुज़र जाइए
मगर इक आरजू है वक्त ए रुखसत कुछ पल के लिए ठहर जाइए करना हमें गिला सुन कर गुज़र जाइए
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