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सिक्कों की खनक

                
                                                         
                            तेरा शागिर्द ही तेरा साया ना रहा,
                                                                 
                            
उसने तेरे राज को पूरे शहर बता रखा है,
जिसे तू समझता है कि वो तेरी वफ़ाओं का राजदार है,
उसने ही तेरे बेवफाई के जिक्र सरेराह कर रखा है
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44 minutes ago

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