आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

हौसला मत खोना

                
                                                         
                            न विश्वास को डिगने देना
                                                                 
                            
आत्मविश्वास का लेना संबल
मत छोड़ना हौसला अपना
बदलता है वक्त पल पल
दे प्रज्वलित दिव्य चेतना खुद को
कल्पनाओं को अपनी सत्य का रूप दे दे
जीत जा क्षण भंगुर निराशा से
पथ को अपने लक्ष्य का प्रारूप दे दे
हर कदम में हो स्वाभिमान का ओज
ले दृढ़ संकल्पित मन
जी अपनी आशाओं को रोज
खुद की अंतरात्मा को
दे अलौकिक ज्ञान
चल किसी भी दुर्गम पथ
होगी सफलता से ही पहचान

पूनम राठौर
 
-हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर