"जिंदगी की मँझधाऱ"
उम्मीदो़ं की पतवार हो,
धैर्य की अपनी नाव हो |
जैसी भी हो जिंदगी,
बस जीने में प्यार भरा बहाव हो |
जीते जाओ अपने सपने,
बस अपनो से न कभी अलगाव हो |
किनारे देते है जैसे नदियों का साथ,
बस अापस में भी वैसा ही स्वभाव हो |
सुख-दुख, सफलता-असफलता को समझो जैसे पानी की लहरें,
बस जीवन को जीने में अपना भी ऐसा प्रभाव हो ||
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