तेरे दिल में अब वो मोहब्बत नहीं है
मुझे तुझसे कोई शिकायत नहीं है
समझता रहा मैं तुझे यूँ ही अपना
तुझे मेरी शायद ज़रूरत नहीं है
ख़ताएँ बहुत सी हमी से हुई हैं
मगर दिल में कोई अदावत नहीं है
गुनहगार तेरा हूँ माना सनम मैं
भुलाने की भी तुझको नीयत नहीं है
मेरा दर्द ये ख़ूबसूरत है सबसे
बिना तेरे जीने की हसरत नहीं है
ये निस्बत भी जन्मों की 'पारुल' है अपनी
तुझे खोने की मुझमें हिम्मत नहीं है
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