जिंदगी के रहस्य क्या करोगे जानकर ?
अहम और पैसा...,
इन्हीं को बैठे हो सब कुछ मानकर।
जब ये दोनों जहन में बैठ जाते हैं,
तो छोटे बड़े का फर्क...,
दूर हो जाता है दिमाग से निकलकर।
-चंद्र दत्त शर्मा
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