डायरी में उकेरे जो शब्द मैने,
वो मेरे लिए...,
जिंदगी जीने का सबब बन गए।
देखा जब मैने डायरी को बंद करके,
तो दिन में तारे नजर आ गए।
-चंद्र दत्त शर्मा
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