अपना काम निकला,
और किनारा कर लिया,
अब और गुंजाइश नहीं,
अलग रहने का संकेत दे दिया।
वो नहीं समझते कि...,
एक दूसरे के बिना, काम नहीं चलता,
चंद्रमा भी तभी चमकता है,
जब सूर्य अपना प्रकाश देता है,
वो समझेंगे ही नहीं, क्योंकि उन्हें गर्व है,
उन्होंने सबको बौना समझ लिया।
-चंद्र दत्त शर्मा
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