आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

आतंक के विरुद्ध भारत

                
                                                         
                            हुँकार भर रहा हिंदुस्तान, तिलमिला उठा पाकिस्तान!
                                                                 
                            
तू चींटी मैं हाथी,
बस साथ निभाना साथी!!
सेना ने लायी ये बहार,
अब नहीं सहेंगे अत्याचार! टूटा है अब ये सब्र,
तैयार है आतंकियों की कब्र!! मिटा अँधकार निकला है फक्क उजाला, आतंक के विरोध में भारत माँ बनी है ज्वाला! थँमेगा नहीं ये अभियान, हुँकार भर रहा हिंदुस्तान!! आज लगी है ये चिंगारी,
जिस पर कायम है सरजमीं सारी! होगा अब कश्मीर का उत्थान, हुँकार भर रहा हिंदुस्तान!!

-पंडित अभिषेक

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
8 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर