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ईश्वर 'सत्य' है

                
                                                         
                            सत्य
                                                                 
                            
ईश्वर ‘सत्य’ है
बाकी सब अस्थायी
है उसका वजूद सदा से
हम तो कुछ समय के लिए
इस धरती पर आए!!

बिना प्रभु की इच्छा के
नहीं कुछ है मुमकिन
बस कर्म करना न छोड़
भाग्य भरोसे निशदिन!!

है सत्य ये भी कि
ईश्वर भी उसी की
करे मदद जो
कर्म करे ये अच्छे!!

तो अपनी अंतरात्मा को झकझोरो
सत्य से मुँह न मोड़ो
ईश्वर की शरण में जाओ
अच्छे कर्म कर तर जाओ!!

निवेदिता श्रीवास्तव
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 वर्ष पहले

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