कविता : कसम से...
तुम एक फूल
सुंदर खिली हो
बहुत मुश्किल
से तुम मिली हो
किसी से दिल
लगाना नहीं
मुझे छोड़ कहीं
भी जाना नहीं
अगर मुझे छोड़ तुम
गई, कहां जाऊंगा ?
कसम से मैं तो जिंदा
नहीं रह पाऊंगा
कसम से मैं तो जिंदा
नहीं रह पाऊंगा.......
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