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पिता का संघर्ष

                
                                                         
                            जो दिखाता नहीं कभी दुःख अपना,
                                                                 
                            
जो जताता नहीं कभी हक अपना,
वो पिता होता हैं!!...

जो घर के एक एक रुपए का खर्च अपने कंधों पर रखता है,
जो बिना खुद की परवाह के अपने बच्चों को खुश रखता है,
वो पिता होता हैं!!!.......

जो अपने बच्चों की हर कमी को पूरा करने के लिए दिन रात जगता है,
जो अपने सपनों को छोड़कर अपने परिवार के लिये संघर्ष करता हैं,
वो पिता होता हैं!!!!........

जो दो जोड़ी कपड़े में पूरा साल गुजार देता हैं,
जो अपने आंसू छिपाकर सबको हंसा देता है,
वो पिता होता हैं!!!!!.........

 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

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