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हमारे भी हुज़रे शमशान में है हमारा काग क्या करेगा

                
                                                         
                            जो मिटा ना सके हमें इस जहां से वो दाग क्या करेगा
                                                                 
                            
हम भी सपेरे हैं पुश्तैनी बाबा हमारा नाग क्या करेगा

हम खोकर आए हैं सब कुछ अब पाने की चाह नहीं
हमने ठोकर मारी है अमीरी को हमारा भाग क्या करेगा

हम भस्म लगा कर सोते हैं भक्त जो ठहरे भोले के
हमारे भी हुज़रे शमशान में है हमारा काग क्या करेगा

यकीन मानो हम ही वज़ीर ए आजम है अंधेरों के
हम नजर नहीं आते दिन में तो चिराग क्या करेगा
-नीटू मावी
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1 hour ago

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