देश मे होजाये अराजक अवस्था,एजेंडा बड़ा है।
अव्यवस्था की बनी रहे व्यवस्था ,एजेंडा बड़ा है।
'पालतु'तुम्हारे भी थे और 'पालतु' हमारे भी है,
गोया तुम्हारे निशाने पर है संस्था,एजेंडा बड़ा है।
तय करना पड़ेगा, देश के साथ हो या ख़िलाफ़,
तुम्हारे लफ्जों के राज सर-बस्ता,एजेंडा बड़ा है।
'गोएबल्स' सत्य के इश्तहारों मे दिखने लगा है,
बाज़ार मे झूठे सच की नई प्रथा, एजेंडा बड़ा है।
चेहरे पर शिकन है, झुर्रियां भी छिप नही रही,
दहाड़ मे लिपटी है भीतरी व्यथा, एजेंडा बड़ा है।
-जयंत दिक्षित
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