मूंगफली ओ मूंगफली कैसी हो तुम मूंगफली
गरीबों की हो तुम काजू बादाम डली
सदा गरीबों ने तुझे अपनाया।
सड़कों पर चलते-चलते तुझे खाया
तू ही तो है गरीबों की काजू कतली किसी जमाने में तू दो से पांच रुपए में पाउच में मिल जाती थी
समय के बहाव में लगता है तू भी बह चली
मूंगफली और मूंगफली कैसी है तुम मूंगफली
वह भी क्या जमाने थे बसों ट्रेनों में तू खाई जाती थी
पूरी ट्रेन में छिलकों की बहार आ जाती थी
मदिरा की शौकीन दीवाने
बिन मांस मछली के पीने खाने वाले,
वह मूंगफली खाते हैं बड़े शौक से बैठ जाते हैं तुझे खाने के बहाने
मूंगफली तू इडली डोसे की चटनी बन जातीं हैं
इडली डोसे का स्वाद बढ़ें नारियल के साथ तू पिस जाती है
खाने का बढ़ जाता है स्वाद
खा के तुझे रूक जाते हैं विवाद
अब तो तू भी 300रूपये किलो में आने लगी
लगता है नेताओं की तरह तू भी भाव खाने लगी
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